
क्या है पूरा मामला?
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने हाल ही में अपने विभिन्न डिवीजनों में डिजाइन से जुड़ी भूमिकाओं (रोल्स) में कटौती की है। इनमें से अधिकांश पद कोर डिजाइन टीम के थे। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यह छंटनी मुख्य रूप से दो कारणों से की गई है:
जेनरेटिव एआई का बढ़ता प्रभाव: गूगल तेजी से अपने सर्च इंजन और अन्य उत्पादों में जेनरेटिव एआई (Generative AI) को एकीकृत कर रहा है। इस नई तकनीक के कारण यूजर इंटरफेस (UI) और यूजर एक्सपीरियंस (UX) डिजाइन की जरूरतों में काफी बदलाव आया है। पारंपरिक डिजाइन प्रक्रियाओं को अब AI-आधारित ऑटोमेशन टूल्स से बदला जा रहा है।
लागत में कमी (Cost Cutting): गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पिछले कुछ समय से कंपनी के ‘गैर-जरूरी खर्चों’ को कम करने और दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया है। यह छंटनी उसी नीति का एक हिस्सा प्रतीत होती है।
सुंदर पिचाई की ‘एआई-फर्स्ट’ रणनीति
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि कंपनी अब ‘एआई-फर्स्ट’ दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगी। इसका मतलब यह है कि गूगल का मुख्य फोकस अब अपने कोर उत्पादों और सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्राथमिकता देने पर होगा। पिचाई का मानना है कि यही रणनीति भविष्य में कंपनी की वृद्धि को गति देगी। डिजाइन टीम में की गई यह छंटनी इसी दिशा में एक रणनीतिक कदम लगती है, जहां पुराने कौशल वाले पदों को हटाकर नए एआई-केंद्रित कौशल की तलाश की जा रही है।
पिछले रिकॉर्ड भी रहे हैं चिंताजनक
यह गूगल का छंटनी का पहला मामला नहीं है। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने दक्षता बढ़ाने के नाम पर कई दफा ऐसे कदम उठाए हैं:
जनवरी 2023: गूगल ने अपने इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी करते हुए 12,000 से अधिक नौकरियां खत्म की थीं।
प्रतिस्पर्धा का दबाव
माना जा रहा है कि गूगल का यह कदम OpenAI और Microsoft जैसे प्रतिस्पर्धियों के बढ़ते दबाव की वजह से भी उठाया गया है। ये कंपनियां लगातार AI के क्षेत्र में नए और उन्नत उत्पाद ला रही हैं, जो गूगल के मुख्य व्यवसाय, विशेष रूप से उसके सर्च इंजन, के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर रहे हैं। ऐसे में, गूगल का तेजी से AI में बदलाव करना और अपनी टीमों को पुनर्गठित करना एक व्यावसायिक जरूरत बन गई है।