
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली लग्जरी कार निर्माता कंपनी जैगुआर लैंड रोवर (JLR) ने एक महीने तक चले साइबर हमले के बाद अपने उत्पादन को फिर से शुरू कर दिया है। कंपनी ने 1 सितंबर को साइबर सुरक्षा उल्लंघन के कारण अपनी उत्पादन लाइन को रोक दिया था, जिससे इसकी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई थी। अब 8 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से उत्पादन फिर से शुरू किया जा रहा है।
इस महीने भर के उत्पादन ठप्पे का कंपनी की बिक्री पर सीधा असर देखने को मिला है। साथ ही, इसकी आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े हजारों छोटे विक्रेता और कर्मचारी भी आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे थे।
उत्पादन ठप्पे का बिक्री और अर्थव्यवस्था पर पड़ा गहरा असर
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भारी गिरावट: कंपनी ने पुष्टि की है कि दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में उसकी थोक बिक्री केवल 66,165 यूनिट रही। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 24.2% की गिरावट है।
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लाभदायक मॉडल्स पर फोकस: इस संकट के दौरान कंपनी ने अपने सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाले मॉडल्स जैसे रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट और डिफेंडर को प्राथमिकता दी। इन मॉडल्स का कुल उत्पादन में हिस्सा 76.7% रहा।
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व्यापक आर्थिक प्रभाव: बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, JLR के यूके स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में सीधे तौर पर लगभग 30,000 लोग कार्यरत हैं, जबकि इसकी आपूर्ति श्रृंखला से और 1,00,000 लोग जुड़े हुए हैं। इन कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर निर्भर रहने वाले लगभग 60,000 और लोगों को मिला लें, तो इस संकट का दायरा और भी विस्तृत हो जाता है।
आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के उपाय
उत्पादन फिर से शुरू करने के साथ-साथ, JLR ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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त्वरित भुगतान कार्यक्रम: कंपनी ने अपने प्रत्यक्ष आपूर्तिकर्ताओं को तेजी से भुगतान करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम की घोषणा की है।
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पार्टनर्स को सहायता: इस कदम का उद्देश्य आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करना और साइबर हमले से प्रभावित अपने व्यावसायिक साझेदारों का समर्थन करना है। संकट के इस दौर में छोटे विक्रेताओं की स्थिति काफी कमजोर हो गई थी।